Sunday, 28 January 2018

संघ और उसके राज्य क्षेत्र और नागरिकता ( Union and its territories and citizenship )


concept of citizenship
 states and union territories of india 



[भाग -1]

[संघ और उसके राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 1 – 4 तक)]


अनुच्छेद 1 – भारत जो कि इण्डिया एक राज्यों का संघ होगा।
            संघ ( UNION ) – राज्यों का संघ है। जैसे – भारत।
            FEDERATION – राज्यों का संघ समझौते के द्वारा। जैसे – अमेरिका।

नोट – अमेरिका – 13 उपनिवेश ( समझौते द्वारा क संघ बना नाम- अमेरिका कहते है।) – 4 जुलाई 1776 ई. को स्वतनत्रता की घोषणा और 1783 ई. में मान्यता।

  •            संघ को राज्यों से अलग होने का अधिकार नहीं होता है।
  •           संघ राज्यों की सीमाओ में परिवर्तन नही कर सकता। जब तक राज्यो न चाहे।
  •       अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने अमेरिका परिसंघ को – अविनासी राज्यों का अविनाशी संघ कहा जाता है।
भारत का राज्य क्षेत्र ---- 1. राज्य
                     2. केन्द्रशासित
                     3. अर्जित
नोट – समझौता के द्वारा- जम्मू कश्मीर, सिक्किम      युद्ध के द्वारा – हैदराबाद, गोवा (1961 ई.)      अध्यर्पण के द्वारा – पुडुचेरी (फ्रांस ने दिया)
                        

  •       भारत में शामिल होने वाला अन्तिन देशी रियाशत हैदाराबाद था।

  अनुच्छेद 2 - नये राज्यों का प्रवेश या स्थापना।
  अनुच्छेद 3 – 1.     नये राज्यों का निर्माण।
              2.    नये राज्यों के क्षेत्र को बढाना व घटाना।
              3.    नये राज्यों के क्षेत्रों की सीमा में, नाम मे परिवर्तल करना।
·        

  •         सिक्किम के शासक—चोग्याल (अन्तिम शामिल राज्य)

  •        35 वाँ संविधान संसोधन द्वारा – 1971 में सक्किम को संयुक्त राज्य के रूप में शामिल का दर्जा दिया गया था।

राज्यों का विभाजन – 1. जनता की माँग पर।
                  2. भाषायी आधार पर विभाजन।

नोट – भाषा के आधार पर विभाजन के लिए आमरण अनशन पुदु श्री रामुल्लु मद्रास में किया था। जिसके कारण या आधार पर भारत का पहला नया राज्या भाषा के आधार पर बना – आन्ध्र प्रदेश सन् 1953 में। जिसके बाद के समिति का गठन किया गया जिसे " राज्य पुनर्गठन आयोग " भी कहते है । जिसके अध्यक्ष – फजले अली थे |

  • अन्य सदस्य – हृदय नाथ कुंजरू और के. एम. पाणिकर थे।


  • नये राज्यों का पुनर्गठन करते समय ध्यान दिया जाता है।............

  1.            देश की सुरक्षा को।
  2.            प्रशासनिक योजना को।
  3.            वित्तीय योजना को ।
  4.          पंचवर्षीय योजना लागू की छमता को।


  •      7 वाँ संविधान संसोधन 1956 – राज्यों पुनर्गठन अधिनियम संसोधन के बाद 14 राज्य व 6 केन्द्र शासित प्रदेश बना।
 
  •    बारदोली की महिलाओं की तरफ से गांधी जी ने सरदार की उपाधि बल्लभ जी को दीया।  सबसे प्राचीन भाषा तमिल है।


[भाग – 2]
[ नागरिकता - अनुच्छेद 5 से 11 ]


अनुच्छेद 5 – संविधान की प्रारम्भ की तारिख से प्रत्येक व्यक्ति इस देश का नागरिक समझा जायेगा जिसका भारत के राज्य क्षेत्रो में अधिवास है, तथा
·         उसका जन्म भारत में हुआ हो या
·         उसके माता-पिता में से किसी का जन्म भारत में हुआ हो एंव वह पाँच वर्षों तक निवास किया हो।

अनुच्छेद 6 – पाक से भारत को प्रवजन करने वाला व्यक्ति संविधान के प्रांरम्भ की तारीख से इस देश का नागरिक समझा जाएगा। यदि,,,,
·       वह या उसके माता-पिता में से कोई जन्मा था। या
·       19 जुलाई 1948 से पहले भारत में चला आया था।

अनुच्छेद 7 – भारत से पाकिस्तान को प्रवजन करने वाला व्यक्ति 1 मार्च 1947 के बाद।
अनुच्छेद 8 – भारतीय मूल (उद्भव) का व्यक्ति यदि भारत से बाहर निवास करता है, तो वह भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकेगा।

अनुच्छेद 9 – यदि कीई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी विदेशी राष्ट्र की नागरिकता ग्रहण करता है। तो वह भारत की नागरिकता समाप्त हो जाएगी।

अनुच्छेद 10 – नागरिकता के अधिकारो का बना रहना।

अनुच्छेद 11 – नागरिकता से सम्बन्धित उपबन्धों को विनियमित करने तथा उसकी समाप्ति और अर्जन के लिए विधि बनाने की शक्ति संसद के पास होगा।


[ नागरिकता अधिनियम 1955 ]

नागरिकता प्रप्त करना...............

1.       जन्म से
2.       वंशानुगत द्वारा।
3.       पंजीकरण द्वारा।
4.       देशीकरण द्वारा।
5.       अर्जित क्षेत्र द्वारा।


  1.          जन्म से – यदि कोई व्यक्ति 26 जनवरी 1950 के बाद भारत में जन्म लेता है, उसके जन्म के समय उसके माता-पिता भारत का नागरिक है, तो वह देश का नागरिक होगा।
  2.         वंशानुगत द्वारा – यदि कोई व्यक्ति 26 जनवरी 1950 के बाद भारत से बाहर जन्म लेता है, उसके जन्म के समय उसके माता-पिता भारत का नागरिक है, तो वह देश का नागरिक हैगा।
  3.         पंजीकरण  के द्वारा – भारत के व्यक्ति से यदि कोई महिला विवाह करती है तो वह भारत का नागरिक होगा।
  4.         देशीकरण के द्वारा - यदि की देशीकरण के द्वारा यहां की नागरिकता प्राप्त करना चाहता है तो ------------
·         सक्षम शक्ति – अपने बारे में सोचने की क्षमता
·         पागल न हो।
·         भारत के संविधान, राष्ट्रभाषा व राष्ट्रगान का सम्मान करें।
·         भारतीय भाषाओं में से किसी एक का जानकार हो।
·         जिसे वेश का वह है उस देश की नागरिकता त्याग चुका हो।
·         उस देश में भी देशीयकरण विद्यमान हो।
·         वह कम से कम भारत में 12 वर्षों कर निवास किया हो।


           5.  अर्जित क्षेत्र के द्वारा ----- यदि किसी नये भू-भाग को भारत में शामिल किया जाता है, तो उस क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्तियों को स्वतः भारत का नागरिकता प्राप्त हो जाती है।




द्वैध नागरिक अधिनियम -  2003 (समुन्द्र पारीय नागरिकता) - मैं यह नहीं कहता कि दूसरे की नागरिकाता को छोड़ दिजिए मगर आप हमारे देश की भी नागरिकात को ग्रहण कर लीजिए लेकिन आपको कोई अधिकार प्राप्त नहीं होगा। 




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भारतीय संविधान के उद्देशिका ( preamble of indian constitution )





भारतीय इतिहास का वर्गीकरण 

Saturday, 27 January 2018

भारतीय संविधान के उद्देशिका ( preamble of indian constitution )


preamble to the constitution
OBJECTIVES OF INDIAN CONSTITUTION

भारतीय संविधान के उद्देशिका


नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य संकल्प में जो आदर्श प्रस्तुत किया गाय उन्हें ही संविधान की उद्देशिका में शामिल कर लिया गया। संविधान के 42वें संशोधन – 1976 ई. द्वारा यथा संशोधित यह उद्देशिका निम्न प्रकार हैः-

" हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्णप्रभुत्व सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतन्त्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिको कोः
            सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,
            विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्राता
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में
व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की,
एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता
बढ़ाने के लिए
      दृढ़-संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ई. (मिकि मार्ग शीर्ष शुक्ल, सप्तमी, सम्बतं दो हजार छः विक्रमी ) को एतद् द्वारा इसे संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते है। "

  •      42 वें संविधान संसोधन के द्वारा, पहले पैरा में दो शब्द समाजवादी और पंथनिरपेक्ष व छठे पैरा में अखण्डता शब्द अन्तः स्थापित किया गया था।
  •      संविधान की प्रस्तावना को संविधान की कुंजी कहा जाता है।
  •      प्रस्तावना को न्यायालय में प्रवर्तित नहीं किया जा सकता।
  •     प्रस्तावना के अनुसार संविधान के अधीन समस्त शाक्तियों का केन्द्रबिन्दु अथवा स्त्रोत भारत के लोग ही है।


पंथ निरपेक्षः-

(1)    निजी धर्म नहीं होता है।
(2)    सबी धर्मों को समान महत्व, ( भेदभाव नहीं )
(3)    वह धार्मिक मामलों में तटस्थ रहता है।

लोकतन्त्रः- " जनता का जनता के द्वारा, जनता के लिए " 422 ई. पू. – बलिआम ने कहा था।

लेकिन, आधुनिक युग में कहा थाः- अब्राहम लिंकन के गेट्सबर्ग में 1863 ई. में।

प्रश्नः- क्या उद्देशिका संविधान का भाग है, क्या इसमें संसोधन किया जा सकता है?

उत्तरः- हां यह है। इसमें संसोधन किया जा सकता है (1973 केशवानन्द भारती बनाम केरल राज्य)।

उद्देश्यिका में संसोधनः- 1976 में 42वें संविधान संसोधन के द्वारा समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, और अशण्डता शब्द जोडे गये है।
  •        उद्देशिका को भाग – 19 प्रकीर्ण (विविध) में रखा गया है।
  •      उद्देशिका में संसोधन किया जा सकता है। किन्तु इसके मूलभूत ढांचों में संसोधन नहीं किया जा सकता ह
  •    सबसे कठोर संविधान अमेरिका का है।



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Friday, 26 January 2018

भारतीय संविधान के स्त्रोत ( Source of Indian Constitution )



constitution of india
indian polity in hindi





संयुक्त राज्य अमेरिका –

·         मैलिक अधिकार।
·         न्यायपालिका की स्वतन्त्रता एंव निष्पक्षता।
·         न्यायिक पुनराविलोकन।
·         विधि के समान संरक्षण।
·         राष्ट्रपति के उपर महाभियोग की प्रक्रिया।
·         संघ के रक्षाबलो का राष्ट्रपति सर्वोच्च समादेशक।
·         उप राष्ट्रपति का पद (राज्य सभा का सभापति)।
·         संविधान की प्रस्तावना।

ब्रिटेन –

·         संसदीय शासन प्रणाली।
·         एकल नागरिकता।
·         विधि निर्माण प्रक्रिया।
·         एकीकृत न्यायिक प्रणाली।

आयरलैण्ड –

·         निति निदेशक तत्व।
·         राष्ट्रपति के निर्वाचन मण्डल की व्यवस्था।
·         राज्य सभा में साहित्य विज्ञान, कला, और समाज सेवा में विशिष्ट योगदान करने वालों का मनोनयन।
·         संसदीय पद्धति के शीर्ष पर निर्वाचित राष्ट्रपति।

कनाडा –

·         संघीय दाँचा (संघ राज्य सम्बन्ध) (संघ राज्य शक्ति विभाजन)
·         भारतीय संघ को यूनियन का नाम देना।
·         अवशिष्ट शक्ति केन्द्र को।

दक्षिण अफ्रीसा -         संविधान संसोधन की प्रक्रिया।

जापान -                विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया।

आस्ट्रेलिया -             समवर्ती सूची।

फ्रांस -                  गणतन्त्रात्मक शासन व्यवस्था।

जर्मली -               अपातकालीन शक्तियां
पूर्व सोवियत संघ -       मूल कर्तव्य।

  • ·      अन्य देशो के संविधान को जानने के लिए वी. एन. राव विदेशी यात्रा पर गये।
  •      जिस देश का राष्ट्राध्यक्ष वंशानुगत नही नीर्वाचित होता वह गणराज्य कहलाता है।


      कैबिनेट मिशन का जागमन – 23 मार्च 1946।
   अध्यक्ष – पैथिक लारेन्स (पी. लारेन्स)।
   सहयोगी – स्टैफर्ड क्रिप्स।
·               अन्तरिम सरकार का गठन – सभापति- माउन्टबेटन।
  उपसभापति – जावहर लाल नेहरू।
    
  माउन्टबेटन की बेटी – शमेला हिक्स।
  पुस्तक – इण्डिया रिम्म्बर्ड वर्ड।

 संविधान सभा का गठन – (दो कार्य के लिए) 
          (1) - संविधान का निर्माण करना।
          (2) – जब तक संसद का गठन न हो जाए तत्व तक संसद के रूप में कार्य करना।

 संविधान में प्रथम परिवर्तन – 1951 में।
 संविधान सभा में कुल सदस्य – 389 थे।
      देशी रियाशतों से – 93 थे।
      मुख्य आयुक्त के प्रान्तों से – 4 थे।
      ब्रिटिश भारत के प्रान्तों से -292 थे।

 नोट – मुख्य आयुक्त के प्रान्तों – दिल्ली, कुर्ग, अजमेर (मारवाड़), बलुचिस्तान।
 काग्रेंस – 205 और 3 (सिक्ख सरदारों का समर्थन) – 208 सदस्य।
 संसद –  राष्ट्रपति, राज्य सभा, लोक सभा (सन् – 1952 ई0 में)
 पाकिस्तान दिवस – 28 मार्च 1945
 प्रत्यक्ष कर्यवाही दिवस – 17 अगस्त 1946
 संविधान सभा की प्रथम बैठक – 9 दिस्मंबर 1946
 अस्थायी अध्यक्ष – सच्चिदानन्द सिन्हा।
 संविधान सबा की द्वितिय बैठक – 11 दिस्मंबर 1946
 स्थायी अध्यक्ष – डा0 राजेन्द्र प्रसाद।
 संविधान सभा के सभापति – डा0 राजेन्द्र प्रसाद।
 उद्देशय प्रस्ताव समिति – 13 दिस्मंबर 1946
 प्रस्तुत करने की तिथि – 22 जून 1947

 इस प्रस्ताव को भारत की जन्मकुण्डली कहा था — कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी ने कहा था।


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संविधान के भाग और अनुसूची ( articles and schedule of constitution )






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